सोमवार दोपहर एक फ्लैट में तेज धमाके के साथ एसी फटने से आग लग गई

साहिबाबाद। साहिबाबाद के भोपुरा स्थित डीएलएफ कालोनी में सोमवार दोपहर एक फ्लैट में तेज धमाके के साथ एसी फटने से आग लग गई। हादसे में एक महिला और दो बच्चे घायल हो गए। धमाका इतना जबरदस्त था कि कमरे की एसी और खिड़की-दरवाजे करीब 50 मीटर दूर जा गिरे। धमाके से पास के दो अन्य फ्लैटों की दीवार गिर गई। सूचना पर पहुंची दमकल की दो गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। 
टीलामोड़ थाना क्षेत्र के डीएलएफ कालोनी स्थित बी1/1में दो मंजिला बिल्डिंग है। इसमें 11 फ्लैट बने हैं। जबकि ग्राउंड फ्लोर पर दुकानें हैं। दूसरे फ्लोर पर एस-2 में मुकेश अपनी पत्नी मोनी के साथ रहते हैं। सोमवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे अचानक तेज धमाका हुआ। धमाके के दौरान कमरे की खिड़की, लोहे की चौखट, दरवाजे और एसी सड़क पार 50 मीटर दूर एक बिल्डिंग में ग्राउंड फ्लोर पर जा गिरे। साथ ही कमरे में आग लग गई। आग लगने की सूचना लोगों ने पुलिस और दमकल विभाग को दी। आग से मोनी झुलस गईं। साथ ही घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। लोगों ने जान पर खेलकर मोनी को बाहर निकाला और दिल्ली के जीटीबी अस्पताल ले गए, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। मोनी की जेठानी कामिनी का कहना है कि मोनी को गंभीर चोटें आई हैं। सूचना पाकर सीएफओ सुनील सिंह, एफएसओ साहिबाबाद मामचंद्र, सीओ साहिबाबाद डा. राकेश मिश्र, एसएचओ टीलामोड़ रण सिंह पहुंचे। दमकल विभाग की दो गाड़ियों ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। 
पास के दो फ्लैट की दीवारें गिरीं, दो बच्चे चोटिल
अचानक हुए तेज धमाके से पूरी बिल्डिंग हिल गई। लोगों में अफरातफरी मच गई। आनन फानन में लोग घरों से बाहर आ गए। इस दौरान मुकेश के घर के बराबर में एस 1 और एस 3 की दीवारें गिर गईं। एस 1 में गजराज रावत पत्नी शांति और डेढ़ वर्ष के बेटे दक्ष के साथ रहते हैं। हादसे के समय शांति बेटे के साथ बालकनी में खड़ी थीं। धमाके से वह घबरा गईं। लोगों ने उन्हें बाहर निकाला। वहीं एस 3 में शिवेंद्र गोयल पत्नी दिव्या गोयल बेटे शिव आर्यन और बेटी शिव्या के साथ रहते हैं। दीवार गिरने से शिव और शिव्या चोटिल हो गए। दोनों को पास के अस्पताल ले जाया गया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। हालांकि तीनों फ्लैट पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। इससे लाखों का नुकसान हुआ है। वहीं, एस 4 के फ्लैट के केवल शीशे ही क्षतिग्रस्त हुए हैं।
सिलेंडर फटता तो होता बड़ा हादसा
आग की सूचना पाकर दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने कमरे के पास किचन में रखे सिलेंडर को सुरक्षित बाहर निकाला। जबकि पास के दोनों फ्लैटों में दोनों सिलेंडर सुरक्षित हैं। काफी देर तक लोगों और अधिकारियों को यह समझ नहीं आया कि आखिर हादसा कैसे हुआ। इसके बाद दुकान में पड़ा फ्लैट से निकला एसी देखने के बाद पूरे मामले की जानकारी हुई। 
क्या कहते हैं सीएफओ
फ्लैट में आग लगने की सूचना पर दमकल की दो गाड़ियों को लेकर वह मौके पर गए थे। आग पर पूरी तरह से काबू पाया गया। आशंका है कि पहले कमरे में आग लगी, आग एसी के कंप्रेशर में लग गई होगी, कंप्रेशर फटने की वजह से धमाका हुआ। इससे एसी, खिड़की, दरवाजे और आसपास के फ्लैटों की दीवार गिर गई। हादसे में महिला घायल हो गई हैं। उनका उपचार चल रहा है। - सुनील कुमार सिंह, सीएफओ गाजियाबाद।